चंडीगढ़। ओसाका में आयोजित रोड शो के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य का दृष्टिकोण उद्योगों के साथ साझेदारी में काम करने और उनकी जरूरतों को समझकर विकास को गति देने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ‘ग्रोथ कैटेलिस्ट’ के रूप में कार्य कर रही है, जिसके चलते पंजाब ने हाल के वर्षों में अपना बुनियादी ढांचा मजबूत किया है, औद्योगिक क्षमता का विस्तार किया है और निवेश के नए अवसर खोले हैं।
मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कई जापानी कंपनियों ने रोड शो में हिस्सा लेकर पंजाब में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई। मान ने कहा कि जापानी औद्योगिक कंपनियों की भागीदारी भारत-जापान आर्थिक संबंधों की मजबूती और पंजाब की प्रगतिशील औद्योगिक नीति, यूनिफाइड सिंगल-विंडो सिस्टम और निवेश-तैयार अवसरों के प्रति वैश्विक विश्वास का संकेत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार करना और निवेशकों को स्थिर व भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना है। मान ने बताया कि सरकार ने उद्योग जगत के प्रमुखों की अध्यक्षता में 24 सेक्टोरल कमेटियों का गठन किया है, जिनका उद्देश्य सेक्टर-विशिष्ट नीतियां तैयार करना है। यह पहल भविष्य की विकास दिशा तय करने और संभावित निवेशकों को 2035 तक पंजाब की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। इनमें एयर वाटर इंक के साथ औद्योगिक गैसों और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा शामिल रही। मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने पंजाब की रणनीतिक स्थिति, एनसीआर और प्रमुख बंदरगाहों से निर्बाध कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, उच्च गुणवत्ता वाली निर्बाध बिजली आपूर्ति, प्रशिक्षित मानव संसाधन और प्रगतिशील नीति इकोसिस्टम को राज्य की प्रमुख ताकतें बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी ही पंजाब की औद्योगिक सफलता की चाबी है।