मुरादाबाद। पिछले काफी समय से पीएफआई (Popular Front of India) को बैन को लेकर पैरवी करने वाले सूफी इस्लामिक बोर्ड के लोगो को आतंकवादी संगठन की तरफ से जान से मारने की धमकी मिल रही है।
इसी को लेकर सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता कशिश वारसी ने कहा हमारा संगठन देश का वाहिद संगठन है जो पीएफआई के खिलाफ आवाज उठा रहा है। पीएफआई मुसलमानो को भटका रही है।
उन्होंने कहा देश के खिलाफ कई घटनाओं में इनका नाम पाया गया है। हम एक जमाने से इनको बैन करने की करने की मांग कर रहे है। अलकायदा जैसे आतंकी संगठन के अलम शरी ने हमारे ट्विटर अकाउंट पर काफिर और हिंदू कहकर जान से मारने की धमकी दे दी है जिससे ये साबित हो गया कि पीएफआई अलकायदा का एक हिस्सा है।
हम सरकार से मांग करते है जल्द से जल्द इसको बैन किया जाए, हम सरकार का शुक्रिया भी अदा करते है, जो ट्विटर पर इस अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया।
ज्ञानव्यापी मस्जिद मामले को लेकर उनका कहना है की सूफी इस्लामिक बोर्ड की इस मामले में राय है कि जब कोई मामला कोर्ट के अंदर चल रहा होता है तो उस वक्त बयानबाजी करना कोर्ट के खिलाफ होता है, कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट होता है। इस मुद्दे पर कोर्ट का जो भी फैसला आए हमे वो मानना चाहिए , यहां कोर्ट के अंदर जुल्म नही इंसाफ है, हमे कोर्ट का सम्मान करना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि सपा सांसद मुस्लिमो को एकजुट होने की बात कर रहे है तो उन्होंने कहा वो राजनीतिक लोग है और वो कौनसी राजनीति चमका रहे है, ये वो जाने लेकिन कोर्ट के मामले में बोलना कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट है।