चित्रकूट। चित्रकूट में गुरुवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के अनुसार, बरगढ़ कस्बे में व्यापारी अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय बेटे आयुष केसरवानी का गुरुवार शाम अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के बाद आरोपियों ने परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती न मिलने पर आरोपियों ने मासूम आयुष की बेरहमी से हत्या कर दी। कुछ दूरी पर एक घर में रखे बक्से से बच्चे का शव बरामद हुआ।
घटना से आक्रोशित लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 35 पर जाम लगा दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस और जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने के बावजूद लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान पीड़ित परिवार ने पहले से रह रहे किरायेदारों पर शक जताया। पुलिस ने इसी आधार पर इरफान और कल्लू नामक दोनों संदिग्धों से पूछताछ की और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आयुष के अपहरण और हत्या के आरोपी कल्लू की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई, जबकि उसका साथी इरफान गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस की बंदूक छीनकर फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में दोनों घायल हुए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कल्लू को मृत घोषित कर दिया, जबकि इरफान को इलाज के लिए प्रयागराज के हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस शव का पोस्टमार्टम करा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।