वाराणसी। नए साल के आगमन से पहले देशभर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। अयोध्या में रामलला और वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के बाहर करीब 2 किलोमीटर तक भक्तों की कतारें लगी हैं। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने 3 जनवरी तक स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है। वहीं, शहर के होटल, लॉज और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर चुके हैं।
इसी तरह अयोध्या में भी राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। रामलला के दर्शन के लिए भक्तों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि अयोध्या के अधिकांश होटल और धर्मशालाएं पूरी तरह भर चुकी हैं।
बांके बिहारी मंदिर को लेकर एडवाइजरी जारी
नए साल से पहले वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। मंदिर प्रशासन और प्रबंधन समिति ने पहले ही चेतावनी दी है कि 5 जनवरी तक यहां अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपनी यात्रा फिलहाल टालने की अपील की गई है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि भक्त 5 जनवरी के बाद ही दर्शन की योजना बनाएं।
हर वर्ष की तरह इस बार भी नए साल के मौके पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। अत्यधिक भीड़ के कारण कई बार भक्तों को ठीक से दर्शन भी नहीं हो पाते। बच्चों, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए ऐसी स्थिति को असुरक्षित माना जाता है। ऐसे में यदि आप मंदिर दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो जाने से पहले संबंधित मंदिर प्रशासन की एडवाइजरी अवश्य पढ़ लें।
महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ सकता है श्रद्धालुओं का सैलाब
नववर्ष की पूर्व संध्या पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि नए साल के पहले दिन 10 से 12 लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आ सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए हैं, ताकि दर्शन प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।