कानपुर। बिहार चुनाव में उभर कर आने वाली जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर पर अब आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, अब ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनोद कुमार शुक्ला द्वारा एक निजी होटल में प्रेसवार्ता कर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोपो की कड़ी में कहा कि प्रशांत किशोर ने दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से वोटर आईडी कार्ड बनवाए हैं, जो चुनाव नियमों का उल्लंघन है।
अधिवक्ता ने बताया कि प्रशांत किशोर की सहयोगी संस्था Joy Of Giving Foundation जिसके माध्यम से चुनाव में कई जगह से फंडिंग हुई है उसके फंड में भी कई अनियमितताएं देखने को मिली हैं। उन्होंने आरोप लगया की संस्था को Ram Setu Infrastructure नाम की कंपनी से 14 करोड़ रुपये का डोनेशन प्राप्त हुआ है, जबकि उक्त कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जाती है। ऐसे में चुनाव के समय इतनी बड़ी राशि का दान देना संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संस्था को सैकड़ों लोगों से डोनेशन मिला, जिनके पते और पहचान संबंधी विवरण अधूरे हैं।
वार्ता के माध्यम से एडवोकेट शुक्ला का कहना है कि यदि इन दानदाताओं की जांच कराई जाए तो जन सुराज पार्टी के नाम पर प्रशांत किशोर के कई झूठ और फर्जीवाड़े सामने आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग और देश की प्रमुख जांच एजेंसियों से शिकायत दर्ज कराई है।
आगे उन्होंने कहा, “अगर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए तो प्रशांत किशोर की असली सच्चाई देश के सामने आ जाएगी।” विनोद शुक्ला ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे “ऐसे लोगों से सतर्क रहें जो खुद को जनसेवक बताते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे नियमों का उल्लंघन करते हैं।” उन्होंने कहा है कि देश की तमाम एजेंसी है इसके बारे में जांच करें साथ ही वह इस पूरे प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।