नई दिल्ली। सीबीआई ने ICICI BANK की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की विशेष अदालत में पेश किया और उनकी तीन दिन की रिमांड मांगी है, जिसे स्वीकार कर लिया गया। सीबीआई के वकील ने कहा कि हमने दोनों आरोपियों (चंदा कोचर और दीपक कोचर) को सीआरपीसी की धारा 41 का नोटिस दिया था, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया, इसलिए हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को किया गिरफ्तार
सीबीआइ ने चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई वर्ष 2012 में आइसीआइसीआइ बैंक द्वारा वीडियोकान समूह को ऋण देने में की गई धोखाधड़ी और अनियमितता के सिलसिले में की गई है।
आपराधिक साजिश रची गई
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि चंदा कोचर ने एक आपराधिक साजिश रची और छह अलग-अलग कंपनियों को ऋण जारी किया। ऋण की राशि कई करोड़ रुपये थी और उसने अन्य बैंकों पर अपना ऋण पारित करने के लिए दबाव डाला था। शिकायत मिलने के बाद, जनवरी 2019 में सीबीआई द्वारा मुंबई शाखा में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसी ने चंदा कोचर के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 लगाने के लिए एक आवेदन भी दिया है। सीबीआई के एक अधिकारी के अनुसार, चंदा कोचर उनके पति और वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत के खिलाफ जनवरी 2019 में दायर प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तारियां की गईं।
नूपावर रिन्यूएबल्स, सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया था। वीडियोकॉन समूह को 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से ऋण के रूप में कई सौ करोड़ रुपये मिलने के बाद धूत ने कथित तौर पर नूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया था।
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