लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को बड़ा झटका लगा है। बसपा के निलंबित 6 विधायक और 1 भाजपा के विधायक शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए।
सभी विधायकों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। चुनाव से ठीक पहले विधायकों के सपा में शामिल होने को बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्या बोले अखिलेश यादव?
विधायकों को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता में भाजपा सरकार को लेकर बड़ा आक्रोश है। लोग मौजूदा सरकार से इतना दुखी हो चुके हैं कि अगले चुनाव में भाजपा का सफाया हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे नेता हैं जो सपा में शामिल होना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा के 2017 के मेनिफेस्टो पर भी घेरा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा पन्ना प्रभारी तो बनाते हैं लेकिन अपना ही पन्ना पढ़ना वे भूल गए।
भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में किसानों से किए एक भी वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। आज किसान जानना चाहते हैं कि उनकी आय दोगुनी कब होगी।
सीएम योगी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आगरा और मथुरा में मेट्रो का वादा किया था। लेकिन कहीं मेट्रो नहीं चली। केवल उन्हीं शहरों में मेट्रो पर काम हुआ जो सपा सरकार में पास हुई थी।
क्या कहते हैं सर्वे
अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। यूपी चुनाव से पहले जनता मूड जानने के लिए एबीपी-सी-वोटर की ओर से किए गए सर्वे में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में वापस लौटती दिख रही है। हाल ही में किए गए सर्वे में जनता ने सीएम योगी की सरकार पर भरोसा जताया है। हालांकि इस बार के चुनाव में बीजेपी को लखीमपुर खीरी कांड की वजह कुछ नुकसान झेलना पड़ सकता है।
सर्वे के मुताबिक भाजपा को इस बार के चुनाव में 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के पक्ष में 32 फीसदी, बीएसपी के खाते में 15 फीसदी, और कांग्रेस को सबसे कम 6 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ सकता है।
वहीं, इसे अगर सीटों में देखें तो भाजपा के खाते में 241 से 249 सीटें जा सकती है। वहीं, समाजवादी पार्टी पिछले चुनाव से अच्छा प्रदर्शन करती हुई नजर आ रही है। सर्वे के मुताबिक सपा को आगामी चुनाव में 130 से 138 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा बसपा को 15 से 19 कांग्रेस को 3 से 7 सीटों पर जीत मिल सकती है।