नई दिल्ली। साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में 2013 में हुए धमाके में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आदेश में 4 दोषियों को मौत की सजा दी है। वहीं, 2 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने 2 को 10-10 साल की सजा दी है।
वहीं एक कैदी को 7 साल की सजा सुनाई गई है। एनआईए कोर्ट ने सोमवार को इस केस में दोषियों की सजा का ऐलान किया। इससे पहले एनआईए कोर्ट में 27 अक्टूबर को 10 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। वहीं एक आरोपी मोहम्मद फखरुद्दीन अहमद को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
विशेष न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की अदालत में इस मामले में दोषी करार दिये गये नौ अभियुक्तों को पटना के बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच लाकर आज सुबह पेश किया गया। न्यायालय का कार्य शुरू होते ही अदालत ने सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलील सुनी।
एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिन्हा ने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सैयद इमरान गनी ने मामले की परस्थितियों और अभियुक्तों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने और कम से कम सजा दिये जाने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाई।