नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निर्णायक प्राधिकरण ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन करने के लिए एमनेस्टी इंडिया और कंपनी के पूर्व सीईओ पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एमनेस्टी इंडिया इंटरनेशनल पर 51.72 करोड़ रुपये और इसके पूर्व सीईओ आकार पटेल पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्राधिकरण ने फेमा के उल्लंघन के लिए कंपनी और पूर्व सीईओ पटेल को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। मामला फेमा का उल्लंघन, देश में समाजिक गतिविधियों के नाम पर एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके से विदेशी अंशदान के तहत 51.72 करोड़ रुपये लेने से संबंधित है।
एक बयान में ईडी के अधिकारी ने कहा, ‘ईडी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में आरोप लगाया है कि नवंबर 2013 और जून 2018 के बीच आकार पटेल के सीईओ रहते एमनेस्टी इंडिया ने विदेशी अंशदान अधिनियम की अवहेलना करते हुए एफडीआई के जरिए एमनेस्टी यूके से 52 करोड़ रुपए लिए थे। ईडी और सीबीआई इसे साल 2018 से पीएमएलए के तहत लगातार परख रही थी।’
ईडी के मुताबिक, ‘विदेशी लाभार्थी को विदेशी अंशदान से उधार ली गई राशि के अलावा कुछ भी नहीं है, जिससे फेमा प्रावधानों का उल्लंघन होता है।’ ईडी के निर्णायक प्राधिकरण ने माना है कि एमनेस्टी इंडिया इंटरनेशनल एमनेस्टी इंटरनेशनल लिमिटेड यूके के तहत एक भारतीय इकाई है, जिसे देश में सामाजिक गतिविधियों के लिए स्थापित किया गया था।