कोलकाता। 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करने के लिए प्रमुख विपक्षी दल बड़ी राजनीतिक जंग की तैयारी शुरू कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सपा अध्यक्ष व उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इसी प्रयास में लगे हुए हैं।
केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा कि विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के ‘दुरुपयोग’ के चलते आने वाले दिनों में ‘कांग्रेस की तरह’ भाजपा भी राजनीतिक रूप से खत्म हो जाएगी। जातिगत जनगणना पर जोर देते हुए अखिलेश ने आगे कहा कि यह 2024 के लोकसभा चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा होगा।
पहले कांग्रेस करती थी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
अखिलेश ने कहा कि पहले कांग्रेस केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती थी और अब भाजपा ऐसा कर रही है। कांग्रेस अब खत्म हो गई है। भाजपा का भी यही हश्र होगा।
सपा नेता ने दावा किया कि यूपीए-2 शासन के दौरान कांग्रेस ने जातिगत जनगणना कराने का वादा किया था, लेकिन बाद में पीछे हट गई।
अखिलेश ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जातिगत जनगणना करे। कई नेता इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की तरह भगवा पार्टी भी इसे कराने को इच्छुक नहीं है।
विपक्षी मोर्चे का फॉर्मूला क्या होगा?
ये पूछे जाने पर कि आम चुनाव के मद्देनजर संभावित विपक्षी मोर्चे का फॉर्मूला क्या होगा? इस पर अखिलेश ने कहा कि इसका खुलासा नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम विपक्षी मोर्चे के फॉर्मूले का खुलासा नहीं करेंगे। हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना है।