उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने तीन पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में दो दरोगाओं को निलंबित किया गया है, जबकि एक उप निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया।
पहला मामला प्रेमनगर थाने का है, जहां तैनात उप निरीक्षक शुभम चौधरी पर थर्ड डिग्री देने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। भमोरा निवासी राहुल शंखधार ने शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और थाने में मारपीट की गई। पीड़ित के मुताबिक, उनसे 50 हजार रुपये वसूले गए और बाद में सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए। मामला एसएसपी तक पहुंचने के बाद प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए गए, जिसके बाद शुभम चौधरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
दूसरा मामला थाना हाफिजगंज क्षेत्र का है। यहां तैनात उप निरीक्षक चन्द्रपाल सिंह पर महिला संबंधी शिकायत में लापरवाही बरतने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता महिला ने छेड़खानी, पीछा करने और मोबाइल तोड़ने की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन आरोप है कि दरोगा ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार कार्रवाई न होने पर पीड़िता को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत करनी पड़ी। मामले को महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए एसएसपी ने चन्द्रपाल सिंह को भी निलंबित कर दिया।
तीसरी कार्रवाई फरीदपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक शुभम सोम पर हुई। विभागीय जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करते हुए इंस्टाग्राम पर सक्रिय थे। इसे विभागीय अनुशासन के खिलाफ मानते हुए एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। इन कार्रवाइयों के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कहा कि भ्रष्टाचार, महिला मामलों में लापरवाही, जनता के साथ गलत व्यवहार और विभागीय नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीनों मामलों में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।