रांची। झारखंड भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करने वाला है। इस पूछताछ के मद्देनजर मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे शहर में 2000 जवानों की तैनाती की गई है।
वहीं, इससे पहले मंगलवार को इस केस में तब नाटकीय मोड़ देखने को मिला जब हेमंत सोरेन अचानक से अंडरग्राउंड हो गए। इसके बाद फिर उनकी तलाशी शुरू हो गई लेकिन शाम होते होते उन्हें रांची में अपने विधायकों के साथ बैठक करते देखा गया। भाजपा के एक नेता ने तो गुमशुदा का पोस्टर तक लगा दिया।
कल्पना के नाम पर तैयार नहीं हुईं सीता सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की स्थिति में,पत्नी कल्पना सोरेन को सीएम बनाए जाने संबंधी चर्चा पर उनकी भाभी और जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन नाराज बताई जा रही हैं। वह मंगलवार को विधायक दल की बैठक में नहीं आईं।
सीता सोरेन ने कहा कि कल्पना सोरेन उन्हें किसी हाल में स्वीकार नहीं है। मेरे दिवंगत पति दुर्गा उरांव ने झामुमो के स्थापित करने के लिए काफी संघर्ष किया है। वर्ष 2019 में भी मेरी उपेक्षा हुई थी, लेकिन मैं चुप रही। अब चुप नहीं रहूंगी।
झारखंड में विधानसभा का क्या है गणित?
झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। जिनमें सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 48 विधायक हैं। इसमें झामुमो 29, कांग्रेस 17, RJD के पास 1 और सीपीआई (एमएल) 1 शामिल हैं। जबकि विपक्षी एनडीए में 32 विधायक हैं। इसमें बीजेपी 26, AJSU 3, NCP (AP) 1, निर्दलीय 2 विधायक शामिल हैं। वहीं एक सीट फिलहाल खाली है।