नई दिल्ली। अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्र नतान्ज पर फिर बड़ा हमला किया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने आज सुबह नतान्ज यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला किया। वहीं, अमेरिकी अधिकारी का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा को निशाना बनाते हुए मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
नतान्ज पर हमले के बाद स्थिति
तस्नीम एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी भी तरह के रेडियोएक्टिव लीक की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए कोई खतरा नहीं है। हालांकि, एजेंसी ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका और इजरायल ईरान को नहीं बनने देना चाहते परमाणु शक्ति
अमेरिका और इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान की मुख्य यूरेनियम संवर्धन साइट नतान्ज को परमाणु संपन्न नहीं होने देना चाहते। इसलिए दोनों देशों ने फिर इस केंद्र पर हमला किया है। युद्ध के पहले सप्ताह में भी इजरायल-अमेरिका ने इस केंद्र को निशाना बनाया था। उस समय सैटेलाइट इमेज में कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दी थीं। ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि नतांज़ में शहीद अहमदी रोशन संवर्धन सुविधा को अमेरिका और इज़रायल द्वारा “अपराधपूर्ण हमलों” के हिस्से के रूप में निशाना बनाया गया।
डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरान ने करीब 3,800 किलोमीटर दूर स्थित डिएगो गार्सिया बेस पर दो मिसाइलें दागीं, लेकिन वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। यह सैन्य अड्डा अमेरिका के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां से लंबी दूरी के ऑपरेशन संचालित किए जाते हैं।
ईरान का बयान
ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि यह हमला “डिएगो गार्सिया में मौजूद दुश्मन ताकतों” के खिलाफ किया गया। इसे ईरान की ओर से पश्चिम एशिया से बाहर अमेरिका और उसके सहयोगियों को चुनौती देने वाला बड़ा कदम बताया गया है।