कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सात दिनों की अग्रिम जमानत प्रदान की है। असम पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश में थी, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया था।
किस मामले में मिली राहत?
यह मामला हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। अदालत ने खेड़ा को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर संबंधित कोर्ट में नियमित जमानत के लिए आवेदन करें।
खेड़ा की दलील
अपनी याचिका में पवन खेड़ा ने कहा कि वे कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वे एक जिम्मेदार राजनीतिक पद पर हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।
क्या हैं आरोप?
दरअसल, 5 अप्रैल को खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। हालांकि, सरमा परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
शिकायत के आधार पर गुवाहाटी में अपराध शाखा थाने में खेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें झूठा बयान और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
इससे पहले असम पुलिस की एक टीम पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले। पुलिस ने तलाशी के दौरान कुछ सामग्री मिलने का दावा किया है।