पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल-गैस की बढ़ती कीमतों के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। पिछले 24 घंटों में होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर रसोई गैस (LPG) से भरे दो बड़े जहाज भारत की ओर रवाना हुए हैं। इन दोनों जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल के अनुसार, एलपीजी कैरियर ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया। यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से 19,965 टन एलपीजी लेकर रवाना हुआ था और 16 मई को गुजरात के दीनदयाल (कांडला) पोर्ट पहुंचने की संभावना जताई गई है। जहाज पर 21 क्रू मेंबर्स मौजूद हैं।
वहीं, दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ 14 मई की सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया। वियतनाम ध्वज वाला यह पोत यूएई की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर भारत के लिए निकला है। इसके 18 मई तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों में मौजूद एलपीजी का माल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का बताया जा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, मार्च की शुरुआत से अब तक कुल 13 भारतीय जहाज—जिनमें 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर शामिल है—होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजर चुके हैं।
हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब भी बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। फिलहाल करीब 12 भारतीय पोत अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जबकि भारत के लिए माल लेकर जा रहे कई विदेशी जहाज भी इस संकट से प्रभावित बताए जा रहे हैं।