उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज होती नजर आ रही है। योगी सरकार ने राज्य में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 6 महीने के लिए की गई है। हाल ही में योगी कैबिनेट ने इस आयोग के गठन को मंजूरी दी थी।आयोग में रिटायर्ड अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, रिटायर्ड अपर जिला न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, रिटायर्ड IAS डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और रिटायर्ड IAS एसपी सिंह को सदस्य बनाया गया है।
यह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायत स्तर पर OBC वर्ग की सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी का अध्ययन करेगा। आयोग अलग-अलग जिलों में पिछड़े वर्ग की आबादी, उनके प्रतिनिधित्व और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का आकलन करेगा। इसके बाद आयोग अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण की नई रूपरेखा तय की जाएगी। हालांकि, पिछड़ा वर्ग आरक्षण की सीमा 27 फीसदी से अधिक नहीं होगी। सरकार के इस फैसले को पंचायत चुनाव से पहले बड़ा सामाजिक और राजनीतिक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।