प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-वेनेजुएला द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, स्वास्थ्य सेवा, दवा उद्योग, ऑटोमोबाइल, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय ने बताया कि भारत और वेनेजुएला ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा ‘ग्लोबल साउथ’ के साझा हितों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान कर साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति जताई। इससे पहले विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। उन्होंने भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक से द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत वेनेजुएला के साथ अपने संबंधों को महत्वपूर्ण मानता है और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर लगातार विकसित हो रहे हैं।
डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार को पांच दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और वेनेजुएला के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है। उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा, दवा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से जुड़े अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं, जो भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का अध्ययन करेंगे तथा संभावित निवेश और सहयोग के अवसरों का आकलन करेंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत लंबे समय से वेनेजुएला का एक महत्वपूर्ण ऊर्जा और निवेश साझेदार रहा है। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय निवेश किया है और भविष्य में अपनी भागीदारी बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रही हैं। भारत और वेनेजुएला के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध ऊर्जा सहयोग, व्यापारिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं। दोनों देशों को उम्मीद है कि यह उच्चस्तरीय यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगी और सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी।