लखनऊ। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (कम्पनी) को एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। आगरा मंडल आयुक्त ने वाद संख्या 3604/2025 में तथाकथित “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएट्स” द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है। आयुक्त न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन” नाम से पहले से ही एक विधिक रूप से स्थापित संस्था अस्तित्व में है। ऐसे में समान नाम और समान उद्देश्यों के आधार पर किसी अन्य संस्था द्वारा पंजीकरण प्राप्त करने का प्रयास विधिसम्मत नहीं माना जा सकता।
न्यायालय ने संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने के आदेश को भी सही ठहराया और स्पष्ट किया कि पूर्व से स्थापित संस्था के अधिकारों एवं वैधानिक स्थिति को चुनौती नहीं दी जा सकती। इस फैसले के साथ उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (कम्पनी) की वैधानिक स्थिति और अधिकारों की पुनः पुष्टि हुई है। संस्था ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि भ्रामक प्रचार और दुष्प्रचार को न्यायालय से एक बार फिर करारा झटका मिला है। संस्था ने यह भी कहा कि वह प्रदेश में क्रिकेट के विकास और खिलाड़ियों के हितों के लिए अपने कार्यों को निरंतर जारी रखेगी।