पुणे। पुणे में चर्चित केतन मर्डर केस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में अब तक सात लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि आरोपी चेतन के साथ काम करने वाले नीरज से लंबी पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां इस हत्याकांड से जुड़ी हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, नीरज को हिरासत में लेकर करीब 24 घंटे तक पूछताछ की गई। हालांकि शुरुआती जांच में उसकी हत्या की साजिश में प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आई है। पूछताछ के दौरान नीरज ने पुलिस को बताया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि चेतन और सिया कथित तौर पर केतन की हत्या की योजना बना रहे थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि वारदात वाले दिन चेतन ने उसका मोबाइल फोन इस्तेमाल किया था, लेकिन उसके पीछे की मंशा से वह अनजान था।
जांच अधिकारियों का मानना है कि नीरज इस मामले में अहम गवाह साबित हो सकता है। पुलिस इस बात की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन चेतन अपना मोबाइल दुकान पर छोड़कर गया था और उसने संपर्क बनाए रखने के लिए नीरज के फोन का उपयोग किया।
उधर, मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस अब घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रक्रिया लोहागढ़ फोर्ट इलाके में की जाएगी, जहां कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस इस दौरान यह समझने की कोशिश करेगी कि पूरी घटना किस क्रम में हुई और आरोपी घटना के समय किस स्थान पर मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि जांच टीम डमी बॉडी की मदद से यह भी जांचेगी कि धक्का किस स्थिति में दिया गया और शव कितनी दूरी तक खाई में गिरा होगा। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इस कार्रवाई की आधिकारिक तारीख सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अब तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है और जांच मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। इसी कारण जांच एजेंसी घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि का बारीकी से विश्लेषण कर रही है, ताकि हत्या की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।