अयोध्या| अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और हेराफेरी के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया। इसी घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर सामने आई है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच का दायरा बढ़ने और कई नामों के सामने आने के बाद गुरुवार से ही चंपत राय के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी बयान देते हुए कहा था कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि जांच में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल होनी चाहिए।
इसी बीच अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच शुरू होते ही संबंधित लोगों को पद छोड़ देना चाहिए था। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि यह केवल साधारण चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि देशभर से लोग रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आते हैं और श्रद्धा से चढ़ावा चढ़ाते हैं। ऐसे में यदि उसमें गड़बड़ी हुई है तो इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सपा सांसद ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग भी दोहराई।
उधर, शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।