मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों पर जमकर नाराज हुईं। सांसद निधि से जारी रकम का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा और लंबित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तलब की। बैठक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
11 करोड़ की सांसद निधि, खर्च हुआ सिर्फ करीब 50 लाख
बैठक के दौरान कंगना रनौत ने बताया कि उनकी सांसद निधि में करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, लेकिन अब तक लगभग 50 लाख रुपये के आसपास ही खर्च किए गए हैं। इस पर उन्होंने बीडीओ स्तर के अधिकारियों से परियोजनाओं में हो रही देरी का कारण पूछा और काम की प्रगति के साथ खर्च का पूरा ब्योरा मांगा। सांसद ने साफ कहा कि दिशा की बैठकें महज औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं होतीं। पिछली बैठकों में जिन योजनाओं और कामों पर निर्णय लिए गए हैं, उन्हें समय पर जमीन पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
भूमि और NOC के कारण अटकी योजनाओं पर मांगी रिपोर्ट
कंगना ने केंद्र से पैसा मिलने के बावजूद कई परियोजनाओं के आगे नहीं बढ़ने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ मामले जमीन से जुड़े विवादों के कारण अटके हैं, जबकि कई जगह अनुमति और NOC नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सभी परियोजनाओं की अलग-अलग सूची तैयार की जाए। साथ ही 40, 50, 60 और 80 फीसदी तक पूरे हो चुके कामों का भी अलग-अलग ब्योरा तैयार करने को कहा।
‘जिम्मेदारी किसकी है?’
कंगना रनौत ने बैठक में अधिकारियों से सवाल किया कि अगर पैसा उपलब्ध है और फिर भी योजनाएं पूरी नहीं हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि से जुड़े कामों की धीमी रफ्तार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। सांसद ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि अगर काम समय पर नहीं होंगे तो वह राष्ट्रीय मीडिया के सामने अपने संसदीय क्षेत्र के प्रदर्शन को लेकर क्या जवाब देंगी।
फंड लेने के बाद भी काम शुरू नहीं करने वालों पर नाराजगी
कंगना ने ऐसे मामलों पर भी आपत्ति जताई जहां फंड जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में जमीन या जरूरी अनुमति उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका सही डेटा और खर्च का विवरण भी समय पर रिकॉर्ड और अपलोड किया जाए।
‘पुराना काम बाकी है तो नया फंड कैसे दूं?’
बैठक में कंगना ने करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के कार्यों के लंबित होने का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुराने काम और उनका पैसा अभी तक लंबित है तो नए फंड जारी करने की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ाई जाए। सांसद ने अधिकारियों से फंड की निगरानी और अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल किए। उनका कहना था कि सांसद निधि जनता के विकास के लिए है और इसका समय पर इस्तेमाल होना जरूरी है।
कंगना ने दिया अधिकारियों को साफ संदेश
बैठक के अंत में कंगना रनौत ने अधिकारियों को काम की गति तेज करने की हिदायत दी। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने स्तर पर विकास कार्यों की रफ्तार कम नहीं करेंगी और प्रशासन को भी उसी गति से काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब बैठकों में सिर्फ चर्चा करने के बजाय योजनाओं की प्रगति जमीन पर दिखाई देनी चाहिए।