अयोध्या| अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा हेरफेर मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने सोमवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कथित चढ़ावा चोरी में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने जांच अधिकारियों को बताया कि जैसे ही उन्हें चढ़ावे में गड़बड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके मुताबिक संदिग्धों को पकड़ने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी उसी के बाद शुरू हुई।
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों ने चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की जवाबदेही और निगरानी प्रणाली को लेकर कई सवाल किए। बताया जा रहा है कि चंपत राय ने स्वीकार किया कि चढ़ावे के सुरक्षित प्रबंधन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की व्यवस्था का हिस्सा थी, लेकिन उन्हें इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं थी। जांच अधिकारियों ने कर्मचारियों की नियुक्ति और परिचित लोगों को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी सवाल पूछे। इस पर चंपत राय ने कथित तौर पर कहा कि जरूरतमंद लोगों को अवसर देने के उद्देश्य से नियुक्तियां की गई थीं और यह फैसला केवल उनका व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान टिन्नू यादव और ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों का भी जिक्र हुआ। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चढ़ावे के प्रबंधन में किन-किन लोगों की जिम्मेदारी थी और किस स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं। जानकारी के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने करीब तीन घंटे तक चंपत राय से पूछताछ की। अब जांच एजेंसियां ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं। जल्द ही अनिल मिश्रा से भी पूछताछ होने की संभावना है।
इधर, जांच टीम वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित हेरफेर किस तरीके से किया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे। मामले में पहले ही कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।