उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 22 वर्षीय युवक राजकुमार की मौत के बाद पुलिस व्यवस्था और आपातकालीन मदद को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार के सीवान निवासी राजकुमार गाजियाबाद में कार मैकेनिक के तौर पर काम करता था। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
क्या है मामला
परिजनों के मुताबिक, रविवार दोपहर राजकुमार का एक ऑटो चालक के साथ किराए को लेकर विवाद हो गया था। उनका आरोप है कि विवाद के बाद कुछ लोग उसका पीछा करने लगे, जिससे घबराकर वह संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ की ओर मदद मांगने पहुंचा। परिवार का दावा है कि बूथ का मुख्य गेट बंद था और मदद नहीं मिलने पर राजकुमार ने अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। इसी दौरान शीशा टूट गया और उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई, जिससे काफी खून बहने लगा।
इलाज के दौरान हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, घायल होने के बाद राजकुमार को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस की प्रतिक्रिया और राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का पक्ष भी सामने आया
कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडे के अनुसार, 12 जुलाई की दोपहर मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक और सवारी के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान युवक ने गुस्से में पिंक बूथ के शीशे वाले गेट पर हाथ मारा, जिससे शीशा टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।