देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर पिछले कुछ महीनों से बहस जारी है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल मिले पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों में तकनीकी खराबियां आ रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन दावों को खारिज किया है और इन्हें भ्रामक बताया है। इसी मामले में महाराष्ट्र के नागपुर में साइबर पुलिस ने चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने एथेनॉल नीति और उससे जुड़े बयानों को लेकर गलत जानकारी और भ्रम फैलाने वाली सामग्री साझा की।
बीजेपी सोशल मीडिया सेल की शिकायत पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई नागपुर भाजपा सोशल मीडिया सेल की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की एथेनॉल नीति और उनके बयानों को कथित तौर पर गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
इन इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
नागपुर साइबर पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें बिहार के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीष कश्यप के अलावा देसी ब्राइट, हर्षिता राठी और अंकलेश इन्वाते शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित वीडियो और पोस्ट में एथेनॉल नीति को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई और लोगों के इंटरव्यू तथा बयानों को ऐसे तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे नीति और उससे जुड़े व्यक्तियों की छवि प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।