पटना। जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पटना पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109 भी शामिल है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मॉल से हिरासत, देर रात कोर्ट में पेशी
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था और समर्थकों की भीड़ को देखते हुए उन्हें अलग-अलग थाना क्षेत्रों से होते हुए अदालत में पेश किया गया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
वकील ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
तेज प्रताप यादव की ओर से पेश अधिवक्ता ने दावा किया कि गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने नियमानुसार दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। बचाव पक्ष ने अदालत से रिहाई की मांग की थी, लेकिन अदालत ने न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। अब उनकी ओर से जमानत याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों ने क्या कहा?
कानूनी जानकारों का कहना है कि मामले की सुनवाई के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। हालांकि फिलहाल यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अंतिम फैसला अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
बिहार बंद प्रदर्शन के बाद दर्ज हुआ मामला
यह पूरा मामला हाल ही में हुए बिहार बंद और छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव विभिन्न स्थानों पर आंदोलन में शामिल हुए थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को उकसाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की घटनाओं की जांच में तेज प्रताप यादव की भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जांच जारी, अदालत की अगली सुनवाई पर नजर
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बचाव पक्ष अदालत में जमानत की मांग करेगा। अब इस पूरे मामले में अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।