नई दिल्ली/सीवान: बिहार के सीवान में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और फायरिंग की घटना को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है और सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है।
राहुल बोले- छात्रों के साथ हो रही सख्ती चिंताजनक
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्रों के साथ जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह बेहद गंभीर हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोली चलने की खबरें सामने आई हैं और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने और उन्हें रिहा करने के आश्वासन का क्या हुआ। उनके अनुसार, सरकार को युवाओं की चिंताओं का समाधान करने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
दिल्ली और बिहार की घटनाओं का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में छात्रों के साथ एक जैसा रवैया अपनाया जा रहा है और उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।
सीवान में प्रदर्शन के दौरान भड़की थी हिंसा
शनिवार को बिहार बंद के दौरान सीवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें पुलिस अधिकारी और जवान भी शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोली चलाई गई। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की कही बात
सीवान पुलिस का कहना है कि फायरिंग की परिस्थितियों और घायलों को लगी गोली के स्रोत की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। पुलिस ने बताया कि हिंसा और उपद्रव के मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों की जांच जारी है।