Dark Mode Light Mode
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥
🚀 Stay Updated! Watch & Subscribe to our YouTube Now! 🎥

क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंच रहा अपराध का पैसा, ED चीफ राहुल नवीन बोले- जब्ती के बाद पीड़ितों तक रकम लौटाना जरूरी

सैय्यद अली शरर
डिप्टी एडिटर
आजकीखबर

नई दिल्ली: अपराध से अर्जित धन की जांच और उसे वापस लाने की प्रक्रिया को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन ने अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि किसी अवैध संपत्ति को जब्त कर लेना ही कार्रवाई की अंतिम सफलता नहीं है। असली मकसद तब पूरा होता है, जब बरामद संपत्ति या रकम को कानून के मुताबिक पीड़ितों को लौटाया जाए या सरकारी खजाने में पहुंचाया जाए।

राहुल नवीन ने नई दिल्ली में आयोजित Asset Recovery Interagency Network-Asia Pacific (ARIN-AP) की 11वीं वार्षिक बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित तीन दिवसीय बैठक की थीम ‘Closing the Loop: From Tracing to Return’ रखी गई थी। इसमें अपराध की कमाई का पता लगाने से लेकर उसकी जब्ती, प्रबंधन और अंततः वापसी तक की पूरी प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

सिर्फ संपत्ति जब्त करना पर्याप्त नहीं

ED निदेशक ने कहा कि एसेट रिकवरी को एक पूरी प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए। इसमें पहले अवैध संपत्ति का पता लगाना, फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे जब्त या जब्ती के आदेश हासिल करना, उसके बाद संपत्ति की सही तरीके से देखरेख करना और अंत में उसे पीड़ितों या सरकारी खजाने तक पहुंचाना शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जांच, अभियोजन और संपत्ति प्रबंधन को अलग-अलग चरणों में देखने के बजाय इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर काम करना जरूरी है। उनके मुताबिक, कई बार जांच एजेंसियां संपत्ति का पता लगाने पर, अभियोजन पक्ष अदालत के आदेश हासिल करने पर और एसेट मैनेजर जब्त संपत्ति की कस्टडी पर ध्यान देते हैं। ऐसे में पीड़ित अंतिम नतीजे का इंतजार करता रह जाता है।

क्रिप्टो से अपराध की रकम बाहर भेजना बड़ी चुनौती

बैठक में वर्चुअल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अपराध की कमाई को तेजी से सीमा पार भेजे जाने की चुनौती पर भी चर्चा हुई। राहुल नवीन ने ऐसे मामलों में संबंधित सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ समय पर संपर्क, ब्लॉकचेन एनालिटिक्स और दूसरे देशों की एजेंसियों के साथ तेज समन्वय की जरूरत बताई। सीमा पार संपत्ति की पहचान और उसे ट्रैक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में इंटरपोल के Silver Notice से जुड़े शुरुआती अनुभवों पर भी चर्चा हुई।

जब्त संपत्ति की कीमत बचाना भी जरूरी

राहुल नवीन ने जब्त संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर किसी संपत्ति को जब्त किए जाने के शुरुआती चरण से ही उसके रखरखाव की योजना नहीं बनाई गई, तो समय के साथ उसकी कीमत कम हो सकती है। बैठक में non-conviction-based confiscation से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसमें बिना दोषसिद्धि के संपत्ति जब्ती से जुड़े कानूनी पहलुओं, सबूत के मानक और प्रक्रिया की आनुपातिकता जैसे विषय शामिल रहे।

भारत ने साझा किया पीड़ितों को संपत्ति लौटाने का अनुभव

बैठक के दौरान भारत ने PMLA, 2002 के तहत पीड़ितों को संपत्ति लौटाने और जब्त संपत्तियों के इस्तेमाल से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। चर्चा में यह भी शामिल रहा कि कानून के तहत बरामद रकम को पीड़ितों तक कैसे पहुंचाया जाए, सरकारी खजाने में कैसे जमा किया जाए और जब्त संपत्तियों का सामाजिक उपयोग किस तरह किया जा सकता है।बैठक में FATF की सिफारिशों 4 और 38 में हालिया बदलावों पर भी चर्चा हुई। राहुल नवीन ने कहा कि इन बदलावों का असर भविष्य में देशों की confiscation व्यवस्था के मूल्यांकन पर पड़ सकता है।

देशों के बीच तेज सहयोग पर जोर

ED निदेशक ने कहा कि अपराध से जुड़े धन और संपत्ति की सीमा पार आवाजाही से निपटने के लिए देशों की एजेंसियों के बीच भरोसा और तेज संवाद जरूरी है। हालांकि, अनौपचारिक संपर्क को प्रभावी कानूनी अनुरोधों के साथ जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ARIN-AP की इस बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न देशों के जांचकर्ता, अभियोजक, वित्तीय खुफिया अधिकारी, एसेट मैनेजर और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक के समापन पर 2027 के लिए ARIN-AP की अध्यक्षता भारत से सिंगापुर को सौंप दी गई।

Add a comment Add a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous Post

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी का साइबर डिफेंस हुआ मजबूत, 84 हजार साइबर अवेयरनेस ड्राइव से तोड़ी गई डिजिटल जालसाजों की रीढ़

Next Post

एशियन गेम्स : फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को धोया, जीता क्रिकेट का गोल्ड मैडल

Advertisement