गुरुग्राम| सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। लंबे समय तक इलाज और चिकित्सकीय निगरानी में रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ घोषित करते हुए डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से बाहर आने की जानकारी वांगचुक ने स्वयं सोशल मीडिया पर साझा की।
वीडियो जारी कर दी जानकारी
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह अस्पताल के कमरे में बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने कहा कि लद्दाख लौटने से पहले वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट जाएंगे। उन्होंने कहा, “काफी समय बाद अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सबसे पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दूंगा और उसके बाद अपने घर लद्दाख लौटूंगा।”
डॉक्टरों और समर्थकों का जताया आभार
वांगचुक ने इलाज के दौरान सहयोग करने वाले डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और अपने समर्थकों का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मेदांता अस्पताल की टीम ने पूरी लगन से उनका उपचार किया, जिसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने उन लोगों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने आंदोलन के दौरान उनका समर्थन किया और लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई।
26 दिन तक रहे अनशन पर
नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका अनशन लगातार 26 दिनों तक चला। बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा।
सरकारी आश्वासन के बाद खत्म किया था अनशन
24 जुलाई को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया था। इसके बाद भी उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखी गई। अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल वह कुछ समय आराम करने के बाद लद्दाख लौटेंगे।