मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग को आशंका है कि विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार किया जा रहा है। तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका और ब्रांड से जुड़े होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
FDA के मुताबिक, विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया ब्रांड नाम, संवाद और प्रस्तुति एक निजी ब्रांड को पान मसाला उत्पाद से जोड़ने का संकेत देती है। विभाग ने इसी आधार पर विज्ञापन में काम करने वाले कलाकारों से जवाब मांगा है।
महाराष्ट्र में पान मसाला पर जारी है प्रतिबंध
महाराष्ट्र सरकार ने 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत पान मसाला समेत कुछ प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई है। FDA ने कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) की धाराओं का हवाला दिया है।
विभाग के अनुसार, भ्रामक खाद्य विज्ञापन के मामले में 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर 2012 से प्रतिबंध है, जिसे समय-समय पर आगे बढ़ाया जाता रहा है।
FDA की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का माल जब्त
FDA के मुताबिक 25 मई से 31 जुलाई 2026 के बीच प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 658 स्थानों पर छापेमारी की गई और करीब 15.11 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।
अधिकारियों ने इस दौरान 519 FIR दर्ज कीं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा प्रतिबंधित सामान ले जा रहे 78 वाहनों को भी जब्त किया गया। इन वाहनों में करीब 6.6 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित माल होने की जानकारी दी गई है।
गुटखा नेटवर्क पर MCOCA लगाने की तैयारी
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को पुलिस के साथ समन्वय कर प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और निकोटिन वाले पान मसाला के संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पात्र मामलों में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA), 1999 के तहत कार्रवाई करने को कहा गया था।
सरोगेट विज्ञापन को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल
पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के कथित अप्रत्यक्ष विज्ञापन को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। एक इलायची अभियान को लेकर एक निजी कंपनी को भी नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। आरोप था कि बॉलीवुड अभिनेता के जरिए तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है।
मामला अदालत तक पहुंचा था। जनवरी 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील खारिज कर दी थी। अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठा था कि बिना तंबाकू वाले उत्पाद के विज्ञापन को सरोगेट विज्ञापन माना जा सकता है या नहीं।
तीनों सितारों को अलग-अलग भेजा गया नोटिस
महाराष्ट्र FDA की ओर से इस सप्ताह जारी नोटिस में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा गया है। नियामक का कहना है कि विज्ञापन से एक कंपनी और उसके पान मसाला ब्रांड के बीच जुड़ाव का संदेश जा सकता है और यह अप्रत्यक्ष प्रचार की श्रेणी में आ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, अजय देवगन को नोटिस उनके जुहू स्थित आवास, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित ‘मन्नत’ और टाइगर श्रॉफ को उनके प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से भेजा गया है। अब तीनों अभिनेताओं के जवाब के बाद FDA आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।