नई दिल्ली: अमेरिका में चुनावी नियमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण देते नजर आए हैं। ट्रंप ने भारत के वोटर आईडी सिस्टम और चुनाव प्रक्रिया का हवाला देते हुए अमेरिकी संसद से ‘SAVE America Act’ को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। उनका कहना है कि अमेरिकी चुनावों में मतदाता की पहचान और नागरिकता से जुड़े नियमों को और सख्त किए जाने की जरूरत है।
ट्रंप ने CEC ज्ञानेश कुमार का किया जिक्र
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हालिया बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया और मतदाताओं के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी है।
ट्रंप ने इसी उदाहरण के आधार पर अमेरिका में भी चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ‘SAVE America Act’ को अब बिना देरी के पारित किया जाना चाहिए।
क्या है SAVE America Act?
प्रस्तावित SAVE America Act का मकसद अमेरिकी संघीय चुनावों में वोटर रजिस्ट्रेशन के नियमों को सख्त करना है। इसके तहत मतदाता के तौर पर पंजीकरण के समय अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण और वैध पहचान पत्र पेश करना जरूरी किए जाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा प्रस्ताव में गैर-अमेरिकी नागरिकों को संघीय चुनावों में मतदान से रोकने और मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया को मजबूत करने की बात कही गई है।
मेल-इन वोटिंग पर भी सख्ती का प्रस्ताव
इस कानून में डाक के जरिए मतदान यानी मेल-इन वोटिंग पर भी कुछ प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इसके तहत बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य सेवा या कुछ विशेष परिस्थितियों में ही मेल-इन वोटिंग की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है।
ट्रंप और उनका प्रशासन इसे चुनावी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में जरूरी कदम बताते रहे हैं।
अमेरिका में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स आमने-सामने
SAVE America Act को लेकर अमेरिका में राजनीतिक मतभेद भी जारी हैं। रिपब्लिकन पार्टी जहां वोटर आईडी और नागरिकता की पुष्टि से जुड़े कड़े नियमों के पक्ष में है, वहीं डेमोक्रेट्स इस प्रस्ताव के कई प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल अमेरिकी सीनेट के अवकाश पर जाने के कारण इस कानून को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा सका है।
पहले भी भारत का उदाहरण दे चुके हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की चुनाव व्यवस्था पर बात करते हुए भारत का उदाहरण दिया हो। मार्च 2025 में जारी एक कार्यकारी आदेश में भी उन्होंने भारत और ब्राजील की चुनावी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया था। ट्रंप ने उस समय दोनों देशों की मतदाता पहचान व्यवस्था को अमेरिका की तुलना में अधिक मजबूत बताया था।