लातूर। महाराष्ट्र के लातूर जिले में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। औसा के एक जिला परिषद उर्दू स्कूल में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और स्कूल की पढ़ाई व कामकाज में बाधा डालने के आरोप में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके, पार्टी कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला एक महिला शिक्षिका की शिकायत पर औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूल में डेढ़ से दो घंटे तक मौजूद रहने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 20 अगस्त को दोपहर करीब 1:15 बजे अभिजीत दिपके अपने साथियों के साथ स्कूल पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति स्कूल और कक्षाओं में प्रवेश किया, छात्रों के बीच बैठकर उनसे कई सवाल किए और करीब डेढ़ से दो घंटे तक परिसर में मौजूद रहे।
शिक्षकों का आरोप है कि इस दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई और स्कूल के सामान्य कामकाज में भी बाधा आई। स्कूल परिसर में तस्वीरें लिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिक्षकों से विवाद और धमकी का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि स्कूल में दूसरे स्कूल के विद्यार्थियों को बैठाए जाने के मुद्दे पर दिपके और शिक्षकों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और शिक्षकों को निलंबित कराने की धमकी भी दी गई।
महिला शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली (53) की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
औसा पुलिस ने अभिजीत दिपके समेत पांच लोगों के खिलाफ BNS की धाराओं 132, 329(3), 351(2), 356(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत पहुंचे थे दिपके
अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के लातूर जिले में CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे थे। इसी अभियान के दौरान वह औसा के जिला परिषद उर्दू स्कूल पहुंचे थे। दिपके ने स्कूल के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। उनका दावा था कि स्कूल की कक्षाओं में दूसरे स्कूल के बच्चों को बैठाया गया था और उन्हें स्कूल के विद्यार्थियों के तौर पर दिखाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ बच्चे स्कूल के रिकॉर्ड में पंजीकृत नहीं थे।
स्कूल में शराब की बोतलें मिलने का भी दावा
दिपके ने स्कूल परिसर में शराब की बोतलें मिलने का दावा भी किया था। इसके अलावा उन्होंने स्कूल में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने और शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके स्कूल पहुंचने से कुछ समय पहले ही शौचालयों की सफाई कराई गई और मिड-डे मील के लिए प्लेटों की व्यवस्था भी उनके दौरे की जानकारी मिलने के बाद की गई।