Dr Rakesh Varma Ex IAS
प्रयागराज| प्रयागराज के जॉर्ज टाउन इलाके में स्थित स्वामीनारायण मंदिर परिसर में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हुआ। मंदिर परिसर की तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर पीछे खोदे गए गहरे गड्ढे में समा गई। परिसर में मलबा बिखरा पड़ा है। गनीमत यह रही कि इमारत में उस समय कोई नहीं था और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
क्या हुआ
घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे केपी कॉलेज के सामने स्थित मंदिर परिसर में हुई। तीन मंजिला इमारत तेज आवाज के साथ ढह गई। आसपास के लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। कई लोग घरों से बाहर निकल आए। सुबह परिसर में मलबा और गहरा गड्ढा दिख रहा था।
ढही इमारत में 12 कमरे थे। इनका इस्तेमाल मंदिर से जुड़े लोगों और बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए होता था। मंदिर के कोठारी कमलेश भगत के अनुसार इमारत में दरारें आ चुकी थीं, इसलिए उसे करीब एक सप्ताह पहले बंद कर दिया गया था। हादसे के समय अंदर कोई नहीं था।
बारिश और निर्माण कार्य वजह माने जा रहे हैं
मंदिर के पीछे पिछले तीन-चार महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था। बेसमेंट या नए भवन के लिए करीब 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। प्रयागराज में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण निर्माण कार्य बंद था, लेकिन गड्ढे में लंबे समय तक पानी भरा रहा। इससे मिट्टी खिसकी और पास की तीन मंजिला इमारत की नींव कमजोर हो गई। कमलेश भगत ने कहा कि निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में लंबे समय तक पानी जमा रहने से नींव प्रभावित हुई मानी जा रही है। जॉर्ज टाउन थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने भी पुष्टि की कि जनहानि नहीं हुई है।
अभी क्या स्थिति है
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन परिसर का जायजा ले रहे हैं। मलबा हटाने और आगे की जांच का काम शुरू होने की संभावना है। सवाल यह है कि इतने गहरे गड्ढे के पास पुरानी इमारत की सुरक्षा और जल निकासी का इंतजाम पर्याप्त था या नहीं। बारिश के मौसम में अधूरे निर्माण गड्ढों का पानी भरना शहर के कई इलाकों में पहले भी समस्या बन चुका है।
हादसे में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना निर्माण के दौरान सुरक्षा और पुरानी इमारतों के आसपास खुदाई पर फिर ध्यान खींचती है।