चंडीगढ़: पंजाब में अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क से जुड़े कुछ कनेक्शनों की भी पड़ताल कर रही है। मामला पठानकोट में कथित अवैध खनन से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच के दौरान ईडी की नजर आरोपी अधिकारी कुलदीप सिंह और मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के बीच बताए जा रहे कनेक्शन पर है। एजेंसी ने इस संबंध में पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी मांगी है।
सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ADC बनाए जाने पर सवाल
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अधिकारी कुलदीप सिंह को उनकी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क का ADC (Additional Duty/Additional role, जैसा आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हो) बनाया गया था। अब जांच एजेंसी यह जानकारी जुटा रही है कि यह नियुक्ति कब, किस प्रक्रिया के तहत और किसकी सिफारिश पर की गई थी।
ईडी ने विभाग से इस नियुक्ति से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य औपचारिक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सेवानिवृत्ति के ठीक पहले कुलदीप सिंह को यह जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।
पहले कई ठिकानों पर हो चुकी है ED की कार्रवाई
इस मामले में ईडी ने हाल ही में कई आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने करीब 1.75 करोड़ रुपये की नकदी जब्त किए जाने की जानकारी दी थी। इसके अलावा बैंक खातों में जमा करीब 91,34,322 रुपये की राशि फ्रीज करने का आदेश भी जारी किया गया था।
जांच के दायरे में मंत्री से जुड़े पहलू
फिलहाल ईडी की जांच जारी है। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और आरोपी अधिकारी कुलदीप सिंह के बीच बताए जा रहे कनेक्शन को लेकर एजेंसी द्वारा मांगी गई जानकारी से यह साफ है कि जांच का एक पहलू अधिकारी की नियुक्ति और उससे जुड़े प्रशासनिक रिकॉर्ड पर भी केंद्रित है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का जांच के दायरे में होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में आगे की स्थिति ईडी की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।