फिरोजपुर| पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर में शनिवार शाम आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े स्थानीय नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात ममदोट कस्बे के मुख्य बाजार में हुई, जहां बाइक से जा रहे गोपी को कार सवार हथियारबंद बदमाशों ने निशाना बनाया। हमले में उनके साथ मौजूद 22 वर्षीय हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी भी घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह मोटरसाइकिल से ममदोट के मुख्य बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक कार में सवार चार लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बाजार के पास पहुंचते ही आरोपियों ने दोनों पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर कार से नीचे उतरे और गोपी की बाइक को निशाना बनाते हुए भी गोलियां चलाईं।
अस्पताल में मृत घोषित किया गया
फायरिंग में गोपी को कई गोलियां लगीं। वारदात के बाद दोनों घायलों को तुरंत फिरोजपुर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद गुरप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हरप्रीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लुधियाना के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है। घटना के समय ममदोट नगर पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान विक्की मैनी भी आसपास मौजूद थे। हालांकि, वे हमले में सुरक्षित बच गए। पुलिस के मुताबिक, वारदात शाम करीब 7:45 बजे हुई और घटनास्थल ममदोट थाने से लगभग 250 मीटर की दूरी पर है।
पुरानी रंजिश और चुनावी विवाद की जांच
पुलिस शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी को एक अहम वजह मानकर चल रही है। इसके अलावा चुनावी रंजिश के एंगल से भी मामले की पड़ताल की जा रही है। फिरोजपुर के एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इससे हमलावरों की पहचान, उनकी गतिविधियों और वारदात से पहले तथा बाद के घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुख्य संदिग्ध का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
एसएसपी के मुताबिक, मामले के मुख्य संदिग्ध का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस उसके पुराने मामलों और मौजूदा हत्याकांड के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही हमले में किसी आपराधिक गिरोह की भूमिका की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि, पुलिस की अब तक की जांच मुख्य रूप से व्यक्तिगत दुश्मनी और चुनावी विवाद के आसपास केंद्रित है। डीएसपी फिरोजपुर रूरल करण कुमार शर्मा भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
फिलहाल इस हत्याकांड में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और हत्या से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।