संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में चौधरी सराय स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर विवाद के बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम आज मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। जांच को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इलाके में पुलिस बल तैनात करने के साथ पैदल मार्च भी किया गया है। मस्जिद को लेकर यह मामला श्रीकल्कि सेना की शिकायत के बाद सामने आया है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी ने 31 अगस्त को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को पत्र देकर मस्जिद और उससे जुड़े मुसाफिरखाने को हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से ASI जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
शिकायतकर्ता ने क्या दावा किया?
शिकायत में दावा किया गया है कि चौधरी सराय क्षेत्र में ASI संरक्षित इमारत हरिहर मंदिर/जामा मस्जिद के नाम से संपत्तियां दर्ज हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब 14-15 वर्ष पहले ASI संरक्षित संपत्ति पर बाबा बहाउद्दीन शाह के नाम से मस्जिद का निर्माण कर कब्जा किया गया। शिकायतकर्ता ने 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया है। पत्र में मस्जिद से जुड़े लोगों की कथित भूमिका का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
श्रीकल्कि सेना की ओर से मस्जिद के साथ मुसाफिरखाने को भी ध्वस्त कराने की मांग की गई है। हालांकि, मस्जिद कमेटी का पक्ष अलग है। कमेटी का दावा है कि मस्जिद वक्फ की जमीन पर बनी है। मस्जिद को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब ASI की जांच को अहम माना जा रहा है। टीम मौके पर पहुंचकर संबंधित संपत्ति और निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की है। जांच के दौरान पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। ASI की रिपोर्ट के बाद ही मस्जिद की जमीन, निर्माण और संरक्षित संपत्ति से जुड़े दावों की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।