पाकिस्तान के कराची में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक को लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
दरवाजे के पास बैठा था आतंकी, अचानक बरसने लगीं गोलियां
मिली जानकारी के मुताबिक, कराची में हाफिज सईद के करीबी बताए जा रहे व्यक्ति पर उस समय हमला किया गया, जब वह एक दरवाजे के पास बैठा था। इसी दौरान दो बाइक पर सवार चार अज्ञात बंदूकधारी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमला इतनी तेजी से हुआ कि पीड़ित को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि वे मृतक का हथियार भी अपने साथ ले गए। इस वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की पहचान को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं
हमले में मारे गए व्यक्ति को लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक मृतक की आधिकारिक पहचान या संगठन में उसकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में उसकी पहचान और आतंकी संगठन से जुड़े होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जुटीं जांच में
दिनदहाड़े हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान, हत्या के पीछे की वजह और वारदात में किसी अन्य आतंकी संगठन की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस हत्या के पीछे किसी प्रतिद्वंद्वी आतंकी गुट का हाथ है या फिर कोई दूसरा कारण। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ हो सकेगी।
पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की हत्याओं का सिलसिला
पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत विरोधी आतंकी संगठनों से जुड़े कई लोगों की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी भी शामिल बताए गए हैं। पाकिस्तान की ओर से कई बार इन घटनाओं के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों का हाथ होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, भारत ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है। इस बीच, अब्दुल रहमान मक्की, फैसल नदीम और अन्य आतंकियों से जुड़ी हत्याओं के मामले भी चर्चा में रहे हैं। कराची की ताजा वारदात को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या की असली वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर अभी आधिकारिक जांच का इंतजार है।