झारखंड में दवाओं की कीमतों पर निगरानी और आम लोगों को उचित मूल्य पर दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में झारखंड फार्मास्यूटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (पीएमआरयू) ने बेहतर प्रदर्शन किया है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों में से यूनिट ने अब तक 97 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। शेष लक्ष्यों को पूरा करते हुए शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में आज दिनांक 2 नवंबर 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में झारखंड पीएमआरयू की शासी निकाय की बैठक उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में भारत सरकार द्वारा पीएमआरयू कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक विस्तारित करने की स्वीकृति की जानकारी दी गई। अपर मुख्य सचिव ने यूनिट द्वारा संचालित सभी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और कार्यों में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि पीएमआरयू का मुख्य उद्देश्य दवाओं की कीमतों पर निगरानी रखना, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत मेडिकल हॉल, अस्पतालों एवं अन्य दवा बिक्री केंद्रों पर दवाओं के मूल्य की नियमित निगरानी की जाती है।
भारत सरकार द्वारा जिन दवाओं की अधिकतम कीमत निर्धारित की गई है, उनके नमूने लेकर यह जांच की जाती है कि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री तो नहीं हो रही है। वहीं, जिन दवाओं की कीमत सरकार द्वारा निर्धारित नहीं की गई है, उनकी कीमतों में होने वाली वृद्धि पर नजर रखी जाती है। ऐसी दवाओं के मूल्य में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की स्थिति में नमूने लेकर आवश्यक जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
दवाओं की निर्धारित कीमतों से संबंधित जानकारी भारत सरकार के आईपीडीएस 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा बाजार में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और उनकी संभावित कमी की भी निगरानी की जाती है, ताकि आम लोगों को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़े।
‘फार्मा सही दाम’ ऐप से उपभोक्ता जान सकेंगे दवाओं की कीमत
बैठक में आम लोगों को दवाओं की कीमतों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। इस ऐप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति दवाओं की कीमत की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है। साथ ही दवा की संरचना एवं अन्य विवरण भी देख सकता है।
यदि किसी दवा विक्रेता द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक मूल्य वसूला जाता है अथवा दवाओं की कमी जैसी समस्या सामने आती है, तो उपभोक्ता ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसमें पहले से दर्ज शिकायतों की स्थिति देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध
‘फार्मा सही दाम’ ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें आवाज के माध्यम से दवाओं की कीमत खोजने की सुविधा भी दी गई है। उपभोक्ता महत्वपूर्ण दवाओं की जानकारी सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बुकमार्क कर सकते हैं। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
पीएमआरयू द्वारा आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे दवाएं खरीदते समय उनकी निर्धारित कीमत की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिक कीमत वसूले जाने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।
बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, निदेशक (औषधि)श्रीमती ऋतु सहाय, सहायक निदेशक श्री राम कुमार झा सहित पीएमआरयू के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

