नई दिल्ली/लखनऊ। देशभर में आज रविवार, 8 नवंबर 2026 को दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। घरों से लेकर बाजारों तक दीपोत्सव की रौनक दिखाई दे रही है। इस पावन अवसर पर लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में पूजा करने से पहले शुभ मुहूर्त और अमावस्या तिथि का ध्यान रखना जरूरी है।
लखनऊ में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग गणना के अनुसार, लखनऊ में दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 43 मिनट से रात 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इस दौरान प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का संयोग बन रहा है। श्रद्धालुओं को इसी अवधि में लक्ष्मी-गणेश पूजन करना शुभ माना गया है। इस मुहूर्त की कुल अवधि करीब 1 घंटा 56 मिनट है।
कब से कब तक रहेगी अमावस्या तिथि?
हिंदू पंचांग के अनुसार, दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह करीब 11 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो चुकी है और 9 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। चूंकि 8 नवंबर की शाम को प्रदोष काल के दौरान अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए दीपावली और लक्ष्मी पूजन आज ही किया जा रहा है।
क्यों खास माना जाता है प्रदोष काल?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। सूर्यास्त के बाद का यह समय लक्ष्मी पूजन के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही स्थिर लग्न में पूजा करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इस समय विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
लक्ष्मी पूजन में इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली के दिन घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद दीपक, धूप, फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित कर पूजा की जाती है। पूजा के दौरान भगवान गणेश का पहले स्मरण किया जाता है, इसके बाद मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है। अंत में परिवार के सभी सदस्य मिलकर आरती करते हैं और घर के मुख्य द्वार सहित विभिन्न स्थानों पर दीपक जलाते हैं।
कब है गोवर्धन पूजा और भाई दूज?
दीपावली के बाद भी त्योहारों का सिलसिला जारी रहेगा। इस वर्ष 10 नवंबर, मंगलवार को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर, बुधवार को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस तरह पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन भाई दूज के साथ होगा।