पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं आज भी देश के लाखों लोगों के लिए निवेश का भरोसेमंद विकल्प हैं। सुरक्षित निवेश के साथ तय रिटर्न की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपनी बचत पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में लगाते हैं। पोस्ट ऑफिस में बैंक की एफडी की तरह ही टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम उपलब्ध है, जिसमें एकमुश्त रकम जमा करके तय अवधि पूरी होने पर ब्याज समेत पैसा वापस मिलता है।
2 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7% ब्याज
पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉजिट 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि के लिए खोला जा सकता है। फिलहाल 2 साल यानी 24 महीने की टाइम डिपॉजिट स्कीम पर 7.00 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में निवेशक को खाता खोलते समय एकमुश्त रकम जमा करनी होती है। तय अवधि पूरी होने पर निवेश की गई मूल राशि के साथ निर्धारित ब्याज का भुगतान किया जाता है।
सीनियर सिटीजन को अलग ब्याज नहीं
बैंकों की एफडी के मुकाबले पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग ब्याज दर नहीं है। यानी 60 साल या उससे अधिक उम्र के निवेशकों को भी सामान्य ग्राहकों के समान 7.00 प्रतिशत ब्याज मिलता है। वहीं, कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज देते हैं। कुछ बैंक 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी देते हैं।
रेपो रेट से सीधे तय नहीं होती पोस्ट ऑफिस की ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें बैंकों की एफडी से अलग तरीके से तय होती हैं। इन योजनाओं की ब्याज दरें केंद्र सरकार का वित्त मंत्रालय तय करता है और हर तीन महीने में इनकी समीक्षा की जाती है। इसलिए पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट दरों पर RBI की रेपो रेट में बदलाव का सीधा और तत्काल असर जरूरी नहीं है। दूसरी ओर, बैंक अपनी एफडी दरों में बदलाव करते समय बाजार की परिस्थितियों और RBI की मौद्रिक नीति समेत कई कारकों को ध्यान में रखते हैं।
नोट: निवेश करने से पहले पोस्ट ऑफिस की मौजूदा ब्याज दर, टैक्स नियम और समय से पहले निकासी से जुड़े नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।