नई दिल्ली। नवंबर महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शेयर बाजार से जारी अपने बिकवाली को रोक दिया और 378 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह निवेश अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट के कारण आया है।
पिछले महीने FPI ने इतने करोड़ के बेचे थे शेयर
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने अक्टूबर में 24,548 करोड़ रुपये और सितंबर में 14,767 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। हालांकि निकासी से पहले, एफपीआई मार्च से अगस्त तक इन छह महीनों में लगातार निवेश किया था और इस अवधि के दौरान 1.74 लाख करोड़ रुपये बाजार में डाले थे। इस कैलेंडर वर्ष में अब तक एफपीआई ने 96,340 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
यस सिक्योरिटीज इंडिया में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रिसर्च के रणनीतिकार हितेश जैन ने कहा, हमारा मानना है कि इमरजिंग मार्केट में जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार और अमेरिका में जोखिम-मुक्त यील्ड में गिरावट एफपीआई प्रवाह को भारत की ओर आकर्षित करेगी।
इस महीने FPI ने अब तक कितना किया निवेश?
आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने इस महीने (24 नवंबर तक) भारतीय शेयरों में 378.2 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी निवेशक इस महीने चार दिन खरीदार रहे और शुक्रवार को 2,625 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, अक्टूबर के मध्य में अमेरिका में मुद्रास्फीति में उम्मीद से बेहतर गिरावट ने बाजार को यह मानने का विश्वास दिला दिया है कि फेड ने दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
नतीजतन, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से गिरावट आई है और 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड अक्टूबर के मध्य में 5 प्रतिशत से घटकर अब 4.40 प्रतिशत हो गई है। इससे एफपीआई को अपनी बिकवाली धीमी करने पर मजबूर होना पड़ा है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च, हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक कारक भारत के इक्विटी बाजारों में विदेशी निवेश की दिशा तय कर रहे हैं।
डेट मार्केट में आए इतने करोड़
आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में 6,381 करोड़ रुपये प्राप्त करने के बाद समीक्षाधीन अवधि में डेट मार्केट ने 12,400 करोड़ रुपये आकर्षित किए।