भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब उज्बेकिस्तान भी उन देशों की सूची में शामिल होने जा रहा है, जहां भारतीय UPI यूजर्स सीधे डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान इसकी घोषणा की गई। उज्बेकिस्तान UPI स्वीकार करने वाला 11वां देश होगा। इस सुविधा के शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटक, कारोबारी और छात्र अपने UPI ऐप के जरिए उज्बेकिस्तान में मौजूद मर्चेंट्स को क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत भुगतान कर सकेंगे।
NPCI और HUMO के बीच हुआ समझौता
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की इंटरनेशनल शाखा NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने 30 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान के नेशनल पेमेंट सिस्टम HUMO का संचालन करने वाली कंपनी नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर JSC (NIPC) के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत भारतीय यात्री अपने UPI ऐप से उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरऑपरेबल QR कोड (UZQR) को स्कैन करके वहां के मर्चेंट्स को सीधे भुगतान कर सकेंगे। यह सुविधा दोनों देशों के वित्तीय नियामकों RBI और सेंट्रल बैंक ऑफ उज्बेकिस्तान (CBU) की औपचारिक मंजूरी के बाद शुरू की जा रही है। CBU के UZQR इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ने के बाद UPI यूजर्स रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर समेत कई जगहों पर डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे।
विदेशी मुद्रा बदलने की झंझट होगी कम
उज्बेकिस्तान जाने वाले भारतीय पर्यटक अपने भारतीय बैंक खाते से सीधे पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान कर पाएंगे। इससे उन्हें हर भुगतान के लिए कैश रखने या विदेशी मुद्रा एक्सचेंज कराने पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा इंटरनेशनल कार्ड से भुगतान करने की जरूरत भी कम हो सकती है और विदेशी मुद्रा एक्सचेंज से जुड़े अतिरिक्त शुल्क से बचने में मदद मिलेगी। यानी भारतीय यात्रियों के लिए उज्बेकिस्तान में रोजमर्रा के खर्चों का डिजिटल भुगतान पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
इन देशों में पहले से चल रहा UPI
उज्बेकिस्तान से पहले UPI को सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस समेत 10 देशों में शुरू किया जा चुका है। अब उज्बेकिस्तान के जुड़ने के साथ भारत का UPI नेटवर्क 11 देशों तक पहुंच जाएगा।