नई दिल्ली। दुनियाभर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं, ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का बढ़ता जलस्तर, वायरस के कारण फैल रही महामारियों के कारण एक दिन इस दुनिया का अंत होना तय है। क्या इंसानी नस्ल इस विनाश से बच पायेगी। इन सब बातों का पता लगाने के लिए नासा के वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं।
द सन की रिर्पोट के मुताबिक, नासा के द्वारा शुरू किया गया एक नया मिशन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सवाल का जवाब ढूंढ़ सकता हैं। नासा का यह शोध शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ हैं।
साइंस फोकस की रिर्पोट के मुताबिक, शुक्र ग्रह कभी धरती की तरह हुआ करता होगा। विशेषज्ञों की माने तो शुक्र ग्रह का ड्यूटेरियम-हाइड्रोजन रेशियो धरती की तुलना में 100 गुना अधिक हैं।
इसके पीछे की वजह ये मानी जा रही हैं कि शुक्र ग्रह पर पानी रहा होगा, जो अब गायब हो चुका हैं। शुक्र ग्रह से जुड़ी एसी गुत्थियों को सुलझाने के लिये नासा कुछ साल बाद 2028 से 2030 के बीच अपना DAVINCI+Veritas Probes रवाना करेगा। शुक्र ग्रह से जुड़े सभी सिद्धांतो का अध्ययन कर धरती के अंत के समय का अनुमान लगाया जा सकेगा।