लखनऊ। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में आज का सर्वे का कार्य पूरा हो गया। माँ श्रृंगार गौरी की पूजा के मामले में ये कार्यवाही अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर के नेतृत्व में की गई। जांच टीम ने शनिवार को सुबह 8 बजे से सर्वेक्षण शुरू कराया। पहले दिन तहखाना के चार कमरों और पश्चिमी दीवार का सर्वे कराया गया। इसके बाद जब सर्वेक्षण टीम बाहर निकली तो हर किसी के मन में एक ही सवाल था, सर्वे में क्या मिला? इसका जवाब विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने दिया। उन्होंने कहा कि वहां मेरी नहीं, हम सबकी कल्पना से भी अधिक बहुत कुछ है।
बिसेन ने कहा कि कल के सर्वे के लिए भी बहुत कुछ है। जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा कि सर्वे के दौरान कुछ ताले खोले गए और कुछ तालों को तोड़ना पड़ा है। सर्वे की रिपोर्ट भी सबके सामने आएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देश के तहत सर्वे हो रहा है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे हैं। उन्हें यहां बताना उचित नहीं है।
करीब चार घंटे चली सर्वे की प्रक्रिया दौरान इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मस्जिद परिसर के आसपास के 500 मीटर के इलाकों की सभी दुकानों को बंद करा दिया गया था। सर्वे के बाद बाहर निकले वकीलों ने कहा कि 4 घटे चली जांच की प्रक्रिया के दौरान वादी-प्रतिवादी, पुलिस प्रशासन और सभी पक्षों का सहयोग रहा। शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे का काम कराया गया है।