जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण का अपना आखिरी मुकाबला जीत लिया है। भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 3-0 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है। हालांकि, ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन के बावजूद इस जीत से भारत का मेडल तय नहीं हुआ है। अब टीम की नजर नॉकआउट मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी।
सुतीर्था से हुई जीत की शुरुआत
भारत की ओर से अनुभवी सुतीर्था मुखर्जी ने पहले मुकाबले में अलिना खान का सामना किया। सुतीर्था ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और मुकाबला सीधे तीन गेम में अपने नाम कर लिया। उन्होंने अलिना को 11-3, 11-3, 11-4 से हराया। इसके बाद 17 वर्षीय सिंड्रेला दास ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कलसुम खान के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाते हुए 11-6, 11-7, 11-5 से जीत दर्ज की। दो मुकाबले जीतकर भारत ने 2-0 की बढ़त बना ली।
श्रीजा अकुला ने किया क्लीन स्वीप
तीसरे मुकाबले में श्रीजा अकुला ने फातिमा खान के खिलाफ कोर्ट पर उतरकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। श्रीजा ने भी सीधे तीन गेम में जीत दर्ज की। उन्होंने फातिमा को 11-4, 11-4, 11-5 से मात दी। तीन मुकाबले लगातार जीतने के बाद भारत ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद तय बाकी दोनों मुकाबलों की जरूरत नहीं पड़ी। तीनों मुकाबलों में भारत ने कुल 9 गेम जीते, जबकि पाकिस्तान एक भी गेम अपने नाम नहीं कर सका।
ग्रुप स्टेज में भारत का शानदार रिकॉर्ड
भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में अपने तीनों मुकाबले जीतकर अभियान का शानदार अंत किया। भारत ने 20 सितंबर को इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर शुरुआत की थी। इसके बाद सिंगापुर के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। भारत एक समय 1-2 से पीछे था, लेकिन श्रीजा अकुला ने अहम मुकाबला जीतकर स्कोर बराबर किया। इसके बाद यशस्विनी घोरपड़े ने निर्णायक मैच जीतकर भारत को 3-2 से शानदार वापसी दिलाई। सिंगापुर के खिलाफ मिली जीत ने भारतीय टीम की दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता भी दिखाई। अब नॉकआउट दौर में टीम को इसी लय को बरकरार रखने की चुनौती होगी।
अब नॉकआउट मुकाबलों पर नजर
एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम में श्रीजा अकुला, यशस्विनी घोरपड़े, दीया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास शामिल हैं। नॉकआउट मुकाबलों में टीम के लाइनअप और खिलाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर रणनीति अहम रहने वाली है। भारतीय टीम की कोशिश अब एशियन गेम्स में टेबल टेनिस के अपने रिकॉर्ड को बेहतर करने की होगी। भारत ने अब तक इस खेल में एशियन गेम्स में तीन पदक जीते हैं। टीम के सामने अब नॉकआउट चरण में उस रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का मौका है।