टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर एक बार फिर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव ने की, लेकिन इस जीत में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की अहम भूमिका रही। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के लिए रन भी बनाए और विकेट भी लिए। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में हार्दिक पांड्या ने 13 गेंदों पर 18 रनों की तेज पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। इसके बाद गेंदबाजी में भी उन्होंने योगदान दिया और चार ओवर में 36 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया। हार्दिक ने मार्क चैपमैन को क्लीन बोल्ड कर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।
भारत के चैंपियन बनते ही हार्दिक पांड्या ने सबसे पहले तिरंगा अपने कंधों पर ओढ़ लिया और मैदान पर जश्न मनाते नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपनी दोस्त माहिका शर्मा के साथ भी तस्वीरें खिंचवाईं और टीम के साथ जीत का जश्न मनाया। मैच के बाद बातचीत में हार्दिक पांड्या ने अपने भविष्य के लक्ष्य भी बताए। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास अभी करीब 10 साल का क्रिकेट बचा है और इस दौरान वे कम से कम 10 और आईसीसी खिताब जीतना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यही उनका अगला बड़ा लक्ष्य है।
भारत अब दुनिया की पहली टीम बन गई है जिसने अपने ही देश में टी20 विश्व कप का खिताब जीता है। इस उपलब्धि को लेकर हार्दिक ने कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक पल है। उन्होंने कहा कि अपने देश में जीतना और लोगों की खुशी देखना वास्तव में अद्भुत अनुभव होता है। हार्दिक ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें पहले से विश्वास था कि भारत यह टूर्नामेंट जीतने वाला है। उन्होंने कहा कि फाइनल से एक दिन पहले से ही उनके मन में यही विश्वास था कि टीम इंडिया चैंपियन बनेगी। वे केवल जीत के बारे में सोच रहे थे और हार के बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा।
उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में जब वे 19वां ओवर डाल रहे थे, तब उनके दिमाग में 2024 के टी20 विश्व कप फाइनल की यादें भी चल रही थीं। हार्दिक ने कहा कि उन्होंने ईशान किशन और अभिषेक शर्मा से भी यही कहा था कि जब वे बल्लेबाजी करने जाएं तो सकारात्मक सोच के साथ जाएं। हार्दिक पांड्या ने कहा कि अगर आप दूसरों की खुशी में खुश होते हैं तो भगवान भी आपको खुश होने का मौका देते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान को चुपचाप अपना काम करते रहना चाहिए, सफलता अपने आप मिल जाती है।