नागोया| भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर देश को गोल्ड मेडल का शानदार तोहफा दिया है। शुक्रवार को जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला बॉक्सिंग का एशियन गेम्स में 12 साल से चला आ रहा गोल्ड का इंतजार भी खत्म हो गया। इससे पहले 2014 में एमसी मैरी कॉम ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
तीनों राउंड में लवलीना का दबदबा
फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने लगातार पंच लगाकर लवलीना पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा और सटीक काउंटर पंचों से जवाब दिया। पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 से बढ़त हासिल की। दूसरे राउंड में भी उन्होंने अपनी रणनीति के मुताबिक मुकाबला किया और जजों के स्कोरकार्ड में बढ़त बनाए रखी। आखिरी राउंड में लवलीना ने अपनी लय बरकरार रखी और सर्वसम्मत फैसले से 5-0 की जीत दर्ज कर ली।
मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर
लवलीना की यह उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग के लिए खास है। वह एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले दिग्गज बॉक्सर एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। हांगझोऊ एशियन गेम्स 2022 में लवलीना को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सिल्वर को गोल्ड में बदल दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स की निराशा को पीछे छोड़ा
लवलीना के लिए यह जीत व्यक्तिगत तौर पर भी अहम है। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह गोल्ड मेडल के मुकाबले तक पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें रजत पदक मिला था। एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतकर उन्होंने शानदार वापसी की है। उनकी जीत से भारतीय दल के पदक अभियान को भी मजबूती मिली है। एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 70 हो गई है, जिनमें 12 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई
2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट जिले में जन्मीं लवलीना बोरगोहेन ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने 2018 और 2019 की विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते। इसके बाद टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया।
2023 की विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। अब एशियन गेम्स का गोल्ड उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि बनकर जुड़ गया है। लवलीना की इस ऐतिहासिक जीत से भारतीय खेल जगत में खुशी का माहौल है। जन्मदिन पर मिला यह स्वर्ण पदक उनके लिए यादगार बन गया है और भारतीय महिला बॉक्सिंग को भी नई पहचान मिली है।