भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के ‘मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर इस प्रतिष्ठित मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज की। 142 साल के लॉर्ड्स के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट था और भारत इसे जीतने वाली पहली टीम बन गया।
पहली पारी में 115 रन की बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरी पारी 341 रन पर घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में मेजबान टीम तीसरे दिन ही दबाव में आ गई और उसके पांच विकेट केवल 59 रन पर गिर गए। एमी जोन्स और सोफी एक्लेस्टोन ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन पूरी इंग्लिश टीम 186 रन पर सिमट गई।
इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायिका तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया रहीं। क्रांति ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स में टेस्ट क्रिकेट में फाइफर लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। वहीं दूसरी पारी में यास्तिका ने 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक होने के साथ-साथ लॉर्ड्स में महिला टेस्ट इतिहास का पहला शतक भी बन गया।
इस जीत को भारतीय महिला टीम ने खास अंदाज में यादगार बनाया। इसी इंग्लैंड दौरे पर भारतीय पुरुष टीम को टी20 सीरीज में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन महिला टीम ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया।
गौरतलब है कि लॉर्ड्स में पहला टेस्ट मैच वर्ष 1884 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीमों के बीच खेला गया था। इसके 142 साल बाद इस मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट आयोजित हुआ और भारतीय महिला टीम ने उसे जीतकर क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया।