नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब एक महीने से चल रहे इस टकराव में हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में काबुल में हुए एक बड़े हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
काबुल में बड़ा हमला, भारी नुकसान
काबुल में सोमवार देर रात एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर हमला किए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त केंद्र में करीब 2000 लोग मौजूद थे। हमले में 400 से ज्यादा लोगों की मौत की बात कही जा रही है, जबकि लगभग 250 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत नाजुक है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस हमले में इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और आग लगने से नुकसान और बढ़ गया। इसके अलावा भी शहर के कुछ अन्य ठिकानों पर हमले की बात सामने आई है।
तालिबान का कड़ा रुख
हमले के बाद तालिबान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अब बातचीत का दौर खत्म हो चुका है। संगठन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अब न कूटनीति काम आएगी और न ही बातचीत—आगे का रास्ता केवल जवाबी कार्रवाई का है। उन्होंने आरोप लगाया कि काबुल में कई स्थानों पर हमले किए गए और इसके बाद इस्लामाबाद के साथ संवाद की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
एक महीने में बढ़ा टकराव
दोनों देशों के बीच तनाव 21 फरवरी को हुए एक हमले के बाद तेज हुआ था। तब से लेकर अब तक दोनों पक्षों की ओर से कई बार हमले किए जा चुके हैं। इस दौरान सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।