नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन बातचीत से पीछे नहीं हट रहा, लेकिन किसी मंत्री या नेता के आवास पर बैठक नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवाद चाहती है तो बैठक जंतर-मंतर या किसी साझा सार्वजनिक स्थान, जैसे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जाए।
‘बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारी भी शर्त है‘
सौरव दास ने कहा कि सरकार अब खुद स्वीकार कर रही है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, पहले यह कहा जा रहा था कि CJP ही बातचीत की पहल कर रही है, लेकिन अब सरकार की ओर से भी संवाद का प्रस्ताव आया है। उन्होंने दावा किया कि बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों को सरकार की बातचीत की इच्छा से अवगत कराया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल किसी नेता के घर या निजी कार्यालय में नहीं जाएगा। CJP प्रवक्ता ने कहा कि यदि सरकार ने विरोध प्रदर्शन के पहले दिन ही बातचीत शुरू की होती तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से ही निकलता है और संगठन भी इसी रास्ते पर विश्वास करता है।
जेपी नड्डा से हुई थी पहली औपचारिक मुलाकात
इससे पहले सोमवार को केंद्र सरकार और CJP के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई थी। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। प्रतिनिधिमंडल में आशुतोष रांका और सौरव दास शामिल थे। दोनों नेताओं ने केंद्रीय मंत्री को परीक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित कई मांगों वाला ज्ञापन सौंपा।
सरकार ने कहा- सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई चर्चा
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील भी की। वहीं, बैठक के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार ने मुद्दे पर उच्च स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।