नई दिल्ली। अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को एक महीना पूरा हो चुका है, और इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि उसकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत हो गई है।
सोमवार (30 मार्च) को IRGC की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तंगसिरी गंभीर रूप से घायल होने के बाद “शहीद” हो गए। संगठन ने उनके योगदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने खासतौर पर रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की पकड़ मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। बयान में यह भी कहा गया कि “हर लड़ाका तंगसिरी है,” जिसे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
तंगसिरी की मौत का दावा इससे पहले इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 26 मार्च को किया था। इज़रायली अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के पास किया गया था, जहां ईरान पहले ही जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा चुका है।
कौन थे तंगसिरी?
अलीरेजा तंगसिरी IRGC की नौसेना के प्रमुख थे और लंबे समय से ईरान की समुद्री रणनीति के अहम चेहरा माने जाते थे। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान नौसैनिक ब्रिगेड कमांडर के रूप में सेवा दी थी और 1980 के दशक के “टैंकर वॉर” में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
अगस्त 2018 में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने उन्हें IRGC नेवी का कमांडर नियुक्त किया था। फरवरी 2026 में संघर्ष शुरू होने के बाद उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद करने की रणनीति बनाई। उनके नेतृत्व में IRGC ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, विदेशी जहाजों की निगरानी बढ़ाई और कई जहाजों को रोका।
इस कार्रवाई का वैश्विक असर भी देखने को मिला—होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या में भारी गिरावट आई, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल और आर्थिक दबाव बढ़ गया।
बढ़ता तनाव
ईरान के बयान के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। तंगसिरी की मौत के बाद IRGC ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उसे आने वाले समय में और आक्रामक कदमों की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।